Skip to content

The foolish Brahmin

    Documented by Coralynn V. Davis and Carlos Gomez
    Transcription and Translation by Suman
    Translation edited by Coralynn V. Davis

    Teller: Gunjeswari Bauwasin (Dai Ji)
    Location: Madhubani
    Date: 12/10/16

    December 10, 2016: Session 2
    Maithili Folklore Story 16_12_10_02

    View the transcription in Maithili.

    Side-by-side Maithili and English

    What is the name of this tale?

    अइ खिस्सा के कोनो नाम अइछ?

    Tell her the name of this tale.

    खिस्सा के की नाम अइछ से कहि दिय|

    One that I am going to tell?

    जे कहबै से?

    -Tale of Marriage of King’s daughter. -No. Fuddi Rani’s Tale

    -राजा बेटी की बियाह वाला कहि दिय -नइ| फुद्दी रानी वाला|

    Tale of Fuddi Rani.

    फुद्दी रानी के खिस्सा|

    Once there was a sparrow.

    एकटा फुद्दी रहै|

    It used to go to the Brahman’s farm

    से ब्राह्मणक खेत में सब दिन ज्यै

    every morning and evening.

    आ सांझ आ भोर

    Saam is a kind of food grain.

    साम अन्न होई छै|

    Cheenh too is a kind of food grain.

    चीन्ह अन्न होई छै|

    The bird used to eat cheenh from the farm.

    से चीन के खेती में चीन खा लै आ खोइंट क ओहिठन ल ज्यै|

    Brahman was desperate to catch the culprit.

    ब्राह्मण ओकरा पकरै वास्ते हेरान रहैथ|

    Who plucks these plants? Who eats them?

    जे के खोइंट लइयै? के खा लइयै?

    One morning Brahman saw that

    त देखलखिन प्रात भेने ब्राह्मण

    it was a small sparrow.

    नुका छेक देख्लैन त एकटा फुद्दी रहै|

    It was eating the crop.

    ओ फुद्दी खाइत से टुप-टुप टुप-टुप क ओ खाइत रहै

    from the plant itself.

    गाछ सौं

    and when it had enough, it took away whatever was left

    आ जखन पेट भइर गेलै तखन थोरेक सेस

    and started to fly. It was about to fly and run away.

    से लऽ कऽ उइर जाइत रहै| उइर कऽ भगैत रहै के

    So the Brahman threw his towel on the bird to catch it.

    तऽ ब्राह्मण ओकरा पकरै ल्यै गमछा धऽ देलखिन|

    Like the one that I have.

    गमछा देह पर से जेना ई साल अइछ

    He used to keep a gamchha with him.

    तऽ ओ गमछा रखने रहैथ|

    -You understand what a gamchha is? -Yes.

    -गमछा बुझै छी ने? -हाँ हाँ

    He caught the bird.

    धऽ देलखिन ओ पकरा..

    Brahman caught the sparrow.

    फुद्दी के पकैर लेलखिन ब्राह्मण|

    And he started walking slowly.

    खूब धीरे धीरे से जाइत रहैथ|

    A person was riding the bicycle on the way.

    तऽ एकटा साइकिल वाला जाइत रहै|

    Now the bird started saying that

    तऽ फुद्दी कहलकै

    The sparrow saw him. Through a hole in the Brahman’s towel.

    फुद्दी देख लेलकै| परयास स भूर भेटल, फाटल छलैया

    That someone is riding the bicycle.

    जे साइकिल वाला जाइ छै

    It called him “O Cycle-rider”

    तऽ कहलक की जे “हो साइकिल वाला भाई”

    “O Cycle-rider”

    “हो साइकिल वाला भाई”

    He stopped as he listened her voice.

    जहन दू बेर कहलकै तखन ओ ठार भ गेलै

    She said one whose Cheenh I have had

    कहलकै जेकर चिन्ह्मा खेलियौ रे भैया

    is taking me away.

    सेहो पकरने जाईयै|

    I ate his cheenh and he is taking me away.

    जेकर चीन्ह खेलियै सेहो पकरने जाईयै|

    I have my nest on the mountains and my children are hungry.

    परबत पहाड़  पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनइया|

    You understand  what it means?

    एकर अर्थ बुझलइयै?

    The bird said all of this to the cycle-rider.

    फुद्दी ओकरा कहलखिन साइकिल वाला के

    My nest is on the mountains.

    जे परबत पहाड़ पर हमर खोंता अइछ

    My children are crying at home.

    ताई ठाम बच्चा हमर कनइत ह्यैत|

    I was taking the food for my children.

    ई लऽ जाई छलियइया बच्चा लय

    I took Cheenh and got caught and now they must be crying at home.

    एथि के सीस|चीन के|से पकरा गेलौं ओ सब कनइत ह्यैत|

    Now the Cycle-rider said

    धैर साइकिल वाला कहलकै “हौ”

    I shall give you my bicycle, set the bird free.

    हम तोरा साइकिल दइ छियह आ तों फुद्दी के छोइर दहक|

    But the brahman did not have Bicycle in his fate.

    त ओ ब्राह्मण के कपार में साइकिल नै लीखल रहैन्ह

    He was a fool too.

    बुइध के कमियो रहैथ

    He refused and said ‘I am not going to leave the bird today”

    कहलखिन नै नै|अइ फुद्दी के हम भइर दीन पकरने रहबै|

    He did not leave her. The Cycle-rider left.

    नै छोरलखिन| साइकिल वाला चल गेल|

    Then came the motor-bike rider.

    तहन मोटरसाइकिल वाला ऐल|

    She called him.

    ओकरो कहलकै जोर स|

    O motor-bike rider! O motor-bike rider!

    हो मोटरसाइकिल वाला भाई| हो मोटरसाइकिल वाला भाई|

    One whose Cheenh I have had is taking me away.

    जेकरे चिन्हुआ खेलियौ रे भैया सेहे पकरने जाइयै|

    My home is on the mountains and my hungry children are crying.

    परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनइया|

    He heard her voice.

    ओ सुइन लेलकइ

    and asked the Brahman

    आ ब्राह्मण के कहलकै

    to take his motorbike and leave the bird.

    हौ ई मोटरसाइकिल तों ल लै आ फुद्दी के छोइर दै

    But the brahman refused and said ‘She has destroyed my crop’

     ओ कहलकै नै नै| फुद्दी हमरा नास क देलक ऐ खेत के

    I am not going to leave her whole day long.

    से एकरा हम आइ भइर दीन नै छोरबइ|

    He did not have motorbike in his fate.

    नै लीखल रहै कपार में मोटरसाइकिल ओकरा हाथ स चल गेलै|

    Then came the Car-rider.

    तखन कार वाला एलै|

    She called him with all her might.

    कार वाला के कहलकै| सोर पाइर क|

    O Car rider! One whose Cheenh I have had is taking me away.

    हौ कार वाला भाई जेकरो चिन्हुआ खेलियै रे भैया सेहो पकरने जाइया

    Ram choon choon choon

    राम चूं चूं चूं

    My home is on the mountains and my hungry children are crying.

    ओ कहलकै परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनैया

    So the car-rider offered him his car for the bird’s freedom.

    कहलकै ई कार तों ल ले आ फुद्दी के छोइर दे|

     Again he refused.

     कहलकै नै फुद्दी के आइ दिन भइर रखबइ

    He did not have car in his fate.

    छोइर देलकै| कार नै भेट्लै कपार में| कारो चल गेलै

    He kept holding the bird.

    आ फुद्दी टा रखने रहै|

    Just then a woman carrying a basket of

    तखन एकटा मौगी से एतबेटा के पथिया में

    choora and jaggery. You understand choora?

    चूड़ा महक गुर.. चूरा बुझइ छियै ने? जे

    She was carrying the beaten paddy grain.

    उक्खैर में कुटै तकर गुरा ल जाइत रहै|

    He was very hungry now.

    एकरा से बड्ड भूख लाइग गेलै| ओइ में कनी कनी चूरो रहै फेंटल|

    Now the bird started crying loudly.

    तऽ ई आर जोर स कानऽ लगलै फुद्दी

    O jaggery-selling Aunt! O jaggery-selling Aunt!

    गै गुरबेचनी मौसी! गै गुरबेचनी मौसी!

    One whose Cheenh I have is taking me away.

    जेकरो चिन्हुआ खेलियै गै मौसी सेहो पकरने जाइयै|

    My home is on the mountains and my hungry children are crying. Ram choon choon choon!

    परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनैया| राम चूं चूं चूं|

    So the jaggery-selling woman told brahman that

    तऽ ओ कहलकै गुरबेचनी ब्राह्मण के

    I can give you choora I am carrying.

    हौ अइ गूरा में चूरा छै फटैक कऽ दऽ दै छियह खा लैह

    Have it and leave the bird.

    आ फुद्दी के छोइर दहक

    Braman was hungry and he had water with him.

    ओकरा भूख तऽ लागले रहै संग मे पानि छलैया

    He rebuked a little and had the choora.

    कनी बात सुनौल्कै| चूरा खेलक|

    He had choora and water. The bird flew away.

    चूरा खेलक पानि पीलक फुद्दी उइर गेलै चल गेलै|

    The story was about the bird but it has become that of a ‘Foolish Brahman’

    फुद्दी रानी खिस्सा तऽ छियैएह मुदा खिस्सा भऽ गेल “ब्राह्मण मुर्ख”

    Maithili Transcript

    अइ खिस्सा के कोनो नाम अइछ?

    खिस्सा के की नाम अइछ से कहि दिय|

    जे कहबै से?

    -राजा बेटी की बियाह वाला कहि दिय -नइ| फुद्दी रानी वाला|

    फुद्दी रानी के खिस्सा|

    एकटा फुद्दी रहै|

    से ब्राह्मणक खेत में सब दिन ज्यै

    आ सांझ आ भोर

    साम अन्न होई छै|

    चीन्ह अन्न होई छै|

    से चीन के खेती में चीन खा लै आ खोइंट क ओहिठन ल ज्यै|

    ब्राह्मण ओकरा पकरै वास्ते हेरान रहैथ|

    जे के खोइंट लइयै? के खा लइयै?

    त देखलखिन प्रात भेने ब्राह्मण

    नुका छेक देख्लैन त एकटा फुद्दी रहै|

    ओ फुद्दी खाइत से टुप-टुप टुप-टुप क ओ खाइत रहै

    गाछ सौं

    आ जखन पेट भइर गेलै तखन थोरेक सेस

    से लऽ कऽ उइर जाइत रहै| उइर कऽ भगैत रहै के

    तऽ ब्राह्मण ओकरा पकरै ल्यै गमछा धऽ देलखिन|

    गमछा देह पर से जेना ई साल अइछ

    तऽ ओ गमछा रखने रहैथ|

    -गमछा बुझै छी ने? -हाँ हाँ

    धऽ देलखिन ओ पकरा..

    फुद्दी के पकैर लेलखिन ब्राह्मण|

    खूब धीरे धीरे से जाइत रहैथ|

    तऽ एकटा साइकिल वाला जाइत रहै|

    तऽ फुद्दी कहलकै

    फुद्दी देख लेलकै| परयास स भूर भेटल, फाटल छलैया

    जे साइकिल वाला जाइ छै

    तऽ कहलक की जे “हो साइकिल वाला भाई”

    “हो साइकिल वाला भाई”

    जहन दू बेर कहलकै तखन ओ ठार भ गेलै

    कहलकै जेकर चिन्ह्मा खेलियौ रे भैया

    सेहो पकरने जाईयै|

    जेकर चीन्ह खेलियै सेहो पकरने जाईयै|

    परबत पहाड़ पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनइया|

    एकर अर्थ बुझलइयै?

    फुद्दी ओकरा कहलखिन साइकिल वाला के

    जे परबत पहाड़ पर हमर खोंता अइछ

    ताई ठाम बच्चा हमर कनइत ह्यैत|

    ई लऽ जाई छलियइया बच्चा लय

    एथि के सीस|चीन के|से पकरा गेलौं ओ सब कनइत ह्यैत|

    धैर साइकिल वाला कहलकै “हौ”

    हम तोरा साइकिल दइ छियह आ तों फुद्दी के छोइर दहक|

    त ओ ब्राह्मण के कपार में साइकिल नै लीखल रहैन्ह

    बुइध के कमियो रहैथ

    कहलखिन नै नै|अइ फुद्दी के हम भइर दीन पकरने रहबै|

    नै छोरलखिन| साइकिल वाला चल गेल|

    तहन मोटरसाइकिल वाला ऐल|

    ओकरो कहलकै जोर स|

    हो मोटरसाइकिल वाला भाई| हो मोटरसाइकिल वाला भाई|

    जेकरे चिन्हुआ खेलियौ रे भैया सेहे पकरने जाइयै|

    परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनइया|

    ओ सुइन लेलकइ

    आ ब्राह्मण के कहलकै

    हौ ई मोटरसाइकिल तों ल लै आ फुद्दी के छोइर दै

    ओ कहलकै नै नै| फुद्दी हमरा नास क देलक ऐ खेत के

    से एकरा हम आइ भइर दीन नै छोरबइ|

    नै लीखल रहै कपार में मोटरसाइकिल ओकरा हाथ स चल गेलै|

    तखन कार वाला एलै|

    कार वाला के कहलकै| सोर पाइर क|

    हौ कार वाला भाई जेकरो चिन्हुआ खेलियै रे भैया सेहो पकरने जाइया

    राम चूं चूं चूं

    ओ कहलकै परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनैया

    कहलकै ई कार तों ल ले आ फुद्दी के छोइर दे|

    कहलकै नै फुद्दी के आइ दिन भइर रखबइ

    छोइर देलकै| कार नै भेट्लै कपार में| कारो चल गेलै

    आ फुद्दी टा रखने रहै|

    तखन एकटा मौगी से एतबेटा के पथिया में

    चूड़ा महक गुर.. चूरा बुझइ छियै ने? जे

    उक्खैर में कुटै तकर गुरा ल जाइत रहै|

    एकरा से बड्ड भूख लाइग गेलै| ओइ में कनी कनी चूरो रहै फेंटल|

    तऽ ई आर जोर स कानऽ लगलै फुद्दी

    गै गुरबेचनी मौसी! गै गुरबेचनी मौसी!

    जेकरो चिन्हुआ खेलियै गै मौसी सेहो पकरने जाइयै|

    परबत महार पर खोंता रे खोंता बच्चा भूखे कनैया| राम चूं चूं चूं|

    तऽ ओ कहलकै गुरबेचनी ब्राह्मण के

    हौ अइ गूरा में चूरा छै फटैक कऽ दऽ दै छियह खा लैह

    आ फुद्दी के छोइर दहक

    ओकरा भूख तऽ लागले रहै संग मे पानि छलैया

    कनी बात सुनौल्कै| चूरा खेलक|

    चूरा खेलक पानि पीलक फुद्दी उइर गेलै चल गेलै|

    फुद्दी रानी खिस्सा तऽ छियैएह मुदा खिस्सा भऽ गेल “ब्राह्मण मुर्ख”